लंदन: ताजा अध्ययन में दावा ‎किया गया है ‎कि मशीन लर्निंग भविष्य में पशुओं से मनुष्यों में होने वाले वायरस संक्रमण का अनुमान लगा सकता है। मशीन लर्निंग एक तरह की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) है। ब्रिटेन में यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो के शोधकर्ताओं ने कहा कि मनुष्यों में होने वाली ज्यादा संक्रामक बीमारी पशुजन्य हैं जो वायरस के पशुओं से मनुष्यों में आने के कारण होता है। 

अत्यधिक खतरे वाले वायरसों की पहचान से शोध एवं निगरानी प्राथमिकताओं में सुधार आएगा। बहरहाल, फैलने से पहले ही पशुजन्य बीमारी की पहचान एक बड़ी चुनौती है क्योंकि करीब 16 लाख 70 हजार पशु वायरसों में से कुछ ही मनुष्यों को संक्रमित कर पाने में सक्षम होते हैं। 

मशीन लर्निंग कम्प्यूटर एलगोरिद्म का अध्ययन है जिसे अनुभव के माध्यम से स्वत: उन्नत किया जा सकता है। अध्ययन में पाया गया कि वायरल जीनोम में सामान्यीकरण के गुण हो सकते हैं और इसमें मानवों को संक्रमित करने वाले पूर्व अनुकूलन वायरसों का पता लगाया जा सकता है।

शोधकर्ताओं ने वायरल जीनोम सिक्वेंस का इस्तेमाल कर मशीन लर्निंग प्रारूप विकसित करने के लिए 36 परिवारों से 861 वायरस प्रजातियों का डाटा तैयार किया। इसके बाद उन्होंने मशीन लर्निंग प्रारूप बनाए जिससे वायरस जीनोम के आधार पर मानव संक्रमण की संभावना का पता लगाने का प्रयास किया गया।