एथेंस: 14वीं शताब्दी के बायझाटाइन योद्धा ने अपने टूटे हुए जबड़े को संभवतः सोने के तार की मदद से जोड़ा था। योद्धा की खोपड़ी की खोज पहली बार 1991 में की गई थी। यह दावा किया है ग्रीस के पुरातत्वविदों का। पुरातत्वविदों का कहना है कि ओटोमेन सेना द्वारा मारे जाने के बाद उसे प्राचीन थ्रेस में एक किले के भीतर कब्रिस्तान में 5 साल की बच्ची की कब्र में दफनाया गया था।
हाल ही में शोधकर्ताओं ने देखा कि मरने से एक दशक पहले उसका जबड़ा दो जगहों पर टूट गया था। किसी जानकार मेडिकल पेशेवर ने बेहद सावधानीपूर्वक उसका इलाज किया था। टीम का मानना है कि जानकार डॉक्टर ने करीब 2000 साल पहले यूनानी फिजीशियन द्वारा बताई गई जबड़े के इलाज की विधि का पालन किया था।
अज्ञात योद्धा की खोपड़ी और निचले जबड़े की खोज करीब 30 साल पहले पॉलीस्टाइलन किले की साइट पर की गई थी। वैज्ञानिक सदियों पहले के मेडिकल पेशेवर के हुनर को देखकर हैरान हैं। वे जबड़े को सोने के तार से जोड़ने की अद्भुत कला की प्रशंसा कर रहे हैं। क्योंकि इस तरह के घाव ने खाना और पीना मुश्किल कर दिया होगा और दर्द व भूख से पीड़ित की मौत भी हो सकती थी।
एक नई रिपोर्ट के अनुसार अवशेषों को लड़की के कंकाल के साथ बेहद सावधानीपूर्वक दफनाया गया था। अवशेष एक कब्रिस्तान के बीच पत्थर के ताबूत में पाए गए थे जो सदियों से जमीन के नीचे दफन था। कब्र खोदने के लिए बड़े चीनी मिट्टी के टुकड़ों का इस्तेमाल किया गया था। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि योद्धा और उसके साथ दफन बच्ची का एक-दूसरे से क्या संबंध था या क्या दोनों एक-दूसरे को जानते थे।

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जवाब देंहटाएंAchhhaaa
जवाब देंहटाएंWow
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